हिन्दी ब्लोगिंग का पहला कम्युनिटी ब्लॉग जिस पर केवल महिला ब्लॉगर ब्लॉग पोस्ट करती हैं ।

यहाँ महिला की उपलब्धि भी हैं , महिला की कमजोरी भी और समाज के रुढ़िवादि संस्कारों का नारी पर असर कितना और क्यों ? यहाँ पर संवाद भी हैं समाज के दूसरे वर्गों से । संवाद सब वर्गों के लिये खुला हैं । कमेन्ट दे कर हमारी सोच को विस्तार भी दे और सही भी करे क्योकि हम वहीलिख रहे हैं जो हम को मिला हैं या बहुत ने भोगा हैं । किसी को लगता हैं हम ग़लत हैं तो हमे जरुर बताये
कई बार प्रश्न किया जा रहा हैं कि अगर आप को अलग लाइन नहीं चाहिये तो अलग ब्लॉग क्यूँ ?? इसका उत्तर हैं कि " नारी " ब्लॉग एक कम्युनिटी ब्लॉग हैं जिस की सदस्या नारी हैं जो ब्लॉग लिखती हैं । ये केवल एक सम्मिलित प्रयास हैं अपनी बात को समाज तक पहुचाने का ।

पसंद करे लेखक का उत्साह बढाये

July 12, 2009

पलक मुछाल के पास २३४ गुडियां हैं जिनका दिल पलक की वज़ह से धड़क रहा हैं


पलक मुछाल एक टीनएजर हैं जो गाना गाती हैं । इनका जनम १९९२ मे हुआ था और १९९७ से ये गाना गा रही हैं और स्टेज शोव्स कर रही हैं । क्यों ? ताकि वो उन बच्चो के लिये पैसा इकठा कर सके जो गरीब हैं और जिनको दिल की बीमारी हैं । अब तक वो अपने शो के जरिये २३४ बच्चो की जान बचा चुकी हैं । अपने शो से पलक या उनके माँ ता पिता कुछ भी अपने लिये नहीं लेते , हां जितने बच्चो का ऑपरेशन होता हैं उनसे पलक एक गुडिया जरुर लेती हैं । आज पलक के पास २३४ गुडिया हैं । पलक केवल हिन्दी मे ही नहीं बहुत सी भाषाओ मे गाती हैं ।
पलक के ऊपर ज्यादा जानकारी आप को यहाँ और यहाँ मिलेगी ।

7 comments:

mehek said...

bahut hi sarahniy kaam hai.

वाणी गीत said...

पलक और पलाश का प्रयास सराहनीय और अनुकर्णीय भी है!!

डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर said...

hamari SHABASI pahuncha dijiyega.

sada said...

पलक जी का यह प्रयास बेहद ही सराहनीय है, उनके इस योगदान के लिये आभार्

neeL said...

Palak you are reallllly Great, still finding song, sung by you, Maharaj Gajanan aao na. You are really great.
I bow you....

बी एस पाबला said...

शाबाश पलक, जीती रहो।

मन भर आया इस जज़्बे को देख कर। ऐसे ही सनकी (जी हाँ, सनकी) इंसानों के कारण इंसानियत बची रहने का संतोष होता है। सही अर्थों में नमन के लायक व्यक्तित्व।

और रचना, आपको इस इंसान से परिचय करवाने का शुक्रिया।

वैसे मेरा ख्याल है कि किसी और मुद्दे पर आपने लिखा होता तो यहाँ टिप्पणी देने वालों की भीड़ होती :-)

डा.राष्ट्रप्रेमी said...

प्रेरणास्पद व अनुकरणीय व्यक्तित्व्